मंगलवार, 24 मार्च 2026

[3/24, 5:29 PM] Umesh Kumar Shrivastava: 

इश्क इक जुनून सूफियायी है
रूह से रूह तक बहा करती है।
उमेश

[3/24, 5:49 PM] Umesh Kumar Shrivastava: 

गमे जुदाई में लिपटी तेरी शोख़ तब्बस्सुम
आ के देखे कोई इश्क कहां जिन्दा है ।
उमेश

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें