रविवार, 24 मई 2026

उद्देलित हो 
नाटकीय खबरों से
कभी कभी सोचता हूं 
जीवन क्या है ?
ऐश्वर्य, पद , प्रतिष्ठा
आराम तलब जीवनचर्या
धनबल जनबल बाहुबल
की सीमा
या पहुंच की बानगीयां
क्या करती हैं 
जीवन को रेखांकित ।

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